संवैधानिक या राष्ट्र विरोधी ???
ऐसे देश विरोधी और समुदाय विरोधी लोग विश्व में और कहाँ मिलेंगे? असदुद्दीन ओवैसी का कहना है की वो किसी भी कीमत पर "भारत माता की जय" नहीं बोलेंगे; अरे आप जैसे लोग ये नारा लगाने के लायक भी नहीं हो आप लोग इशरत जहां, अफजल गुरु, कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अलगावादी व अन्य आतंकवादियों एवं देश द्रोहियों की हिमायत करते ही अच्छे दिखते हैं कम से कम उस वक्त आप लोगों का असली चेहरा तो सबके सामने होता है!
अरे ओवैसी साहब आप तर्क देते हैं की संविधान में भारत माता की जय बोलना अनिवार्य नहीं है तो संविधान में खाना खाने को कहाँ अनिवार्य बताया गया है आप देश का अनाज खाना भी छोड़ दें, चलो मान लिया की संविधान में इसे अनिवार्य नहीं बताया गया है पर क्या एक हिन्दुस्तानी होने के नाते ही बोल देते पर नहीं | आपके इस निर्णय से तो अब ये सोचने पर मजबूर कर दिया है की आप भारतीय हैं भी की नहीं !
ओवैसी साहब आप से ये तो नहीं हुआ की कम से कम अपने समर्थोकों को देश के प्रति वफादार होने को कहें उल्टा आप खुद उन्हें अपनी मातृभूमि के सम्मान में नारे न लगाने को प्रोत्साहित कर रहे हैं| जब आप खुद राष्ट्रवादी सोच नहीं रख सकते तो कम से कम दूसरों को देश के खिलाफ मत भडकाइये | अगर आप अपनी इस सोच को खुद तक सीमित रखें तो हिन्दुस्तान पर बड़ा उपकार होगा|
जय हिन्द !!
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